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अली फजल की 'राख' प्राइम वीडियो पर: 1970 के दशक के कुख्यात रंगा-बिल्ला कांड पर आधारित क्राइम थ्रिलर

अली फजल और सोनाली बेंद्रे अभिनीत क्राइम थ्रिलर वेब सीरीज 'राख' 12 जून 2026 से प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रही है। यह सीरीज देश को हिला देने वाले 1970 के दशक के रंगा-बिल्ला कांड से प्रेरित है।

अजय राज अजय राज 14 जून 2026, 09:08 AM 1 मिनट में पढ़ें 48 बार देखा
अली फजल की 'राख' प्राइम वीडियो पर: 1970 के दशक के कुख्यात रंगा-बिल्ला कांड पर आधारित क्राइम थ्रिलर
अभिनेता अली फजल, जो प्राइम वीडियो की क्राइम थ्रिलर 'राख' में मुख्य भूमिका में हैं।

नई दिल्ली, 12 जून 2026। भारतीय अपराध जगत के एक काले अध्याय को पर्दे पर जीवंत करते हुए अली फजल और सोनाली बेंद्रे अभिनीत वेब सीरीज 'राख' 12 जून 2026 से प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रही है। यह क्राइम थ्रिलर 1970 के दशक के उस कुख्यात रंगा-बिल्ला कांड से प्रेरित है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। ग्रिटी यानी कठोर यथार्थवादी शैली में बनी यह सीरीज दिल्ली की एक पुलिस जांच की पड़ताल करती है और उस दौर के माहौल को बारीकी से दर्शाती है।

क्या है कहानी

'राख' की कहानी एक पुलिस अधिकारी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो 1970 के दशक के उत्तरार्ध में भारत में दो युवाओं के लापता होने की गुत्थी को सुलझाने में जुट जाता है। यह मामला धीरे-धीरे एक ऐसे अपराध की परतें खोलता है जिसने उस दौर के समाज की संवेदनाओं को गहरे तक प्रभावित किया था। सीरीज न सिर्फ अपराध की भयावहता को दिखाती है, बल्कि उस दौर की पुलिस व्यवस्था, सामाजिक माहौल और मानवीय भावनाओं को भी बखूबी उकेरती है। यह दर्शकों को एक ऐसे युग में ले जाती है जब अपराध की जांच के तरीके आज से बहुत अलग थे।

दमदार कलाकार

सीरीज में अली फजल मुख्य भूमिका में हैं, जिन्होंने एक जुझारू और दृढ़ निश्चयी पुलिस अधिकारी के किरदार को गहराई से निभाया है। उनके साथ सोनाली बेंद्रे, आमिर बशीर, आकाश माखिजा, रमनदीप यादव, दिव्या शर्मा और विवान शर्मा जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं। सोनाली बेंद्रे की वापसी को दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने सराहा है, जो लंबे समय बाद एक मजबूत किरदार में नजर आई हैं। अली फजल, जो अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में भी काम कर चुके हैं, इस किरदार में अपने अभिनय की परिपक्वता दिखाते हैं।

समीक्षकों की राय

शुरुआती समीक्षाओं में 'राख' को मिली-जुली लेकिन सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। समीक्षकों ने सीरीज की कठोर यथार्थवादी प्रस्तुति और इसकी भावनात्मक गहराई की तारीफ की है। एक प्रमुख समीक्षा में सीरीज को एक 'सधी हुई लेकिन भावनात्मक रूप से प्रभावशाली दिल्ली क्राइम ड्रामा' बताया गया। जहां कुछ समीक्षकों ने इसकी कहानी कहने की शैली को पारंपरिक माना, वहीं अधिकांश ने इसकी ग्रिटी प्रस्तुति और कलाकारों के अभिनय को इसकी सबसे बड़ी ताकत बताया। एक समीक्षा में सीरीज को पांच में से सवा तीन अंक दिए गए।

सच्ची घटनाओं का आकर्षण

सच्ची आपराधिक घटनाओं पर आधारित कंटेंट का आकर्षण भारतीय दर्शकों में लगातार बढ़ता जा रहा है। 'राख' इसी रुझान का हिस्सा है, जहां वास्तविक घटनाओं को नाटकीय रूप में पेश कर दर्शकों को इतिहास के उन पन्नों से रूबरू कराया जाता है जो समय के साथ धुंधले पड़ गए हैं। रंगा-बिल्ला कांड भारतीय अपराध इतिहास के सबसे चर्चित मामलों में से एक रहा है, और इसे पर्दे पर देखना दर्शकों के लिए एक अलग अनुभव होगा। ऐसी कहानियां अक्सर समाज को अपराध के पीछे की मानवीय और सामाजिक परिस्थितियों पर सोचने के लिए मजबूर करती हैं।

ओटीटी पर क्राइम थ्रिलर का दौर

पिछले कुछ वर्षों में भारतीय ओटीटी प्लेटफॉर्म पर क्राइम थ्रिलर शैली ने जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की है। दर्शक अब ऐसी कहानियों की ओर आकर्षित हो रहे हैं जो वास्तविकता के करीब हों और जिनमें मानवीय जटिलताओं को गहराई से दिखाया जाए। 'राख' इसी कड़ी में एक नया नाम जोड़ती है और यह दर्शाती है कि अच्छी तरह से शोध की गई और संवेदनशीलता से बनाई गई क्राइम सीरीज आज भी दर्शकों को बांधे रखने की क्षमता रखती है। 'दिल्ली क्राइम' और 'पाताल लोक' जैसे शोज ने पहले ही इस शैली के लिए ऊंचे मानक स्थापित किए हैं।

एक दौर का चित्रण

'राख' की एक बड़ी खूबी इसका कालखंड चित्रण है। 1970 के दशक के भारत को पर्दे पर उतारना अपने आप में एक चुनौतीपूर्ण काम है, जिसमें उस दौर की वेशभूषा, सेट, वाहन और सामाजिक माहौल को सटीक रूप से दिखाना पड़ता है। निर्माताओं ने इस पहलू पर खास ध्यान दिया है, जिससे सीरीज में एक प्रामाणिकता का एहसास होता है। यह सिर्फ एक अपराध कथा नहीं, बल्कि एक पूरे युग की झलक है, जो दर्शकों को उस समय की दिल्ली की गलियों में ले जाती है।

आगे क्या

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि 'राख' प्राइम वीडियो के स्ट्रीमिंग चार्ट पर कैसा प्रदर्शन करती है और दर्शक इसकी कहानी और प्रस्तुति को किस तरह स्वीकार करते हैं। अली फजल और सोनाली बेंद्रे की जोड़ी, एक मजबूत कहानी और एक ऐतिहासिक अपराध की पृष्ठभूमि के साथ, यह सीरीज इस सप्ताह के सबसे चर्चित ओटीटी रिलीज में से एक बनने की क्षमता रखती है। अगर दर्शकों की प्रतिक्रिया अच्छी रही, तो यह सीरीज भारतीय क्राइम ड्रामा शैली में एक और मजबूत नाम जोड़ सकती है।

स्रोत: Esquire India
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अजय राज
द्वारा लिखित
अजय राज
Editor-in-Chief

जनजागरण के संस्थापक और प्रधान संपादक। पत्रकारिता में 15+ वर्षों का अनुभव, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर पैनी नज़र।

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