रैले (नॉर्थ कैरोलाइना), 12 जून। नेशनल हॉकी लीग (NHL) का स्टेनली कप फाइनल अपने रोमांचक मोड़ पर पहुँच गया है। कैरोलाइना हरिकेन्स ने रैले के लेनोवो सेंटर में खेले गए गेम 5 में वेगास गोल्डन नाइट्स को हराकर सात मैचों की सीरीज़ में 3-2 की बढ़त बना ली है। अब हरिकेन्स अपने इतिहास का दूसरा स्टेनली कप—और 2006 के बाद पहला—जीतने से सिर्फ़ एक जीत दूर हैं। गेम 6 अब वेगास के T-मोबाइल एरिना में खेला जाएगा, जहाँ गोल्डन नाइट्स के लिए जीतना मजबूरी है। पूरे नॉर्थ कैरोलाइना में हॉकी का उत्साह अपने चरम पर है, और प्रशंसक 20 साल के लंबे इंतज़ार के ख़त्म होने की उम्मीद में हैं।
स्वेच्निकोव बने नायक
गेम 5 के स्टार रहे आंद्रेई स्वेच्निकोव, जिन्होंने दो अहम गोल दागे। दूसरे पीरियड में पावर-प्ले पर उन्होंने बाएँ विंग से ज़ोरदार शॉट लगाकर वेगास के गोलटेंडर कार्टर हार्ट को छकाया और टीम को बढ़त दिलाई। अपने दूसरे गोल में उन्होंने मैदान के एक शांत कोने में पहुँचकर निकोलाज एलर्स के बेहतरीन पास पर टैप-इन कर गेंद जाल में पहुँचा दी। सेबास्टियन आहो ने भी दूसरे पीरियड में योगदान दिया, जिससे हरिकेन्स का आक्रमण खुलकर सामने आया। स्वेच्निकोव का यह दोहरा प्रदर्शन निर्णायक मौक़े पर आया, क्योंकि पूरी सीरीज़ में उनके स्कोरिंग की कमी टीम को खल रही थी। उनके इस प्रदर्शन ने न सिर्फ़ स्कोरबोर्ड, बल्कि टीम के मनोबल को भी ऊँचा कर दिया।
एक ऐतिहासिक और हाई-स्कोरिंग सीरीज़
यह फाइनल अब तक बेहद रोमांचक और ऊँचे स्कोर वाला रहा है। दोनों टीमों ने हर मुक़ाबले में आक्रामक हॉकी खेली है, जिसमें पावर-प्ले गोलों ने निर्णायक भूमिका निभाई। गेम 5 में हरिकेन्स ने दो पावर-प्ले गोल किए, जो उनकी जीत की बुनियाद बने। गोलटेंडिंग के मोर्चे पर फ्रेडरिक एंडरसन की वापसी टीम के लिए राहत की बात रही है, हालाँकि कोच रॉड ब्रिंडामोर ने गेम 6 के लिए अपने विकल्प खुले रखने की बात कही है। दोनों टीमों के बीच अंतर बेहद बारीक रहा है, और हर मुक़ाबला आख़िरी मिनटों तक रोमांच से भरा रहा, जिसने इस फाइनल को हाल के वर्षों की सबसे यादगार सीरीज़ में से एक बना दिया है।
ब्रिंडामोर और जुझारू कैरोलाइना
हेड कोच रॉड ब्रिंडामोर ने अपने अनुभवी फॉरवर्ड जॉर्डन स्टाल की जमकर तारीफ़ की। उन्होंने कहा, "प्लेऑफ़ कितना कठिन संघर्ष है, यह तब तक समझ नहीं आता जब तक आप इसे ख़ुद जीकर न देख लें। इस उम्र में ऐसा करना स्टाल के बारे में बहुत कुछ कहता है। वह हमारा योद्धा है।" ब्रिंडामोर ख़ुद 2006 में हरिकेन्स के कप्तान के तौर पर स्टेनली कप उठा चुके हैं, और अब वह कोच के रूप में उसी गौरव को दोहराने के बेहद करीब हैं। उनकी कोचिंग में हरिकेन्स अपनी कठोर मेहनत, तेज़ फ़ोरचेकिंग और रक्षात्मक अनुशासन के लिए जानी जाती है—जो ब्रिंडामोर के खिलाड़ी रहते हुए के जुझारू अंदाज़ का ही प्रतिबिंब है।