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री-नीट यूजी 2026: 21 जून को दोबारा परीक्षा, 22 लाख से ज़्यादा अभ्यर्थियों के लिए क्या बदला

3 मई की परीक्षा रद्द होने के बाद एनटीए 21 जून 2026 को नीट यूजी की दोबारा परीक्षा करा रहा है। जानिए एडमिट कार्ड, सिटी स्लिप, पैटर्न और तैयारी से जुड़ी हर ज़रूरी बात।

अजय राज अजय राज 14 जून 2026, 09:08 AM 1 मिनट में पढ़ें 25 बार देखा
री-नीट यूजी 2026: 21 जून को दोबारा परीक्षा, 22 लाख से ज़्यादा अभ्यर्थियों के लिए क्या बदला
नीट यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को पेन-पेपर मोड में होगी।

नई दिल्ली, 12 जून। देश के सबसे बड़े मेडिकल प्रवेश इम्तिहान को लेकर इस साल अभूतपूर्व उठापटक के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने नीट यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून (रविवार) को कराने का फ़ैसला किया है। 3 मई 2026 को हुई मूल परीक्षा को पेपर लीक और गड़बड़ियों की शिकायतों के बाद रद्द कर दिया गया था, और भारत सरकार की मंज़ूरी के बाद नई तारीख़ तय की गई। बाईस लाख से ज़्यादा अभ्यर्थियों के लिए यह एक बार फिर तैयारी, तनाव और उम्मीद का दौर है।

एनटीए के मुताबिक री-नीट 2026 पूरे देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में आयोजित होगी। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजकर 15 मिनट तक एक ही पाली में पेन-पेपर (ओएमआर) मोड में होगी, जिसमें परीक्षा संबंधी औपचारिकताओं का समय भी शामिल है। इतने बड़े पैमाने पर इतनी कम मोहलत में दोबारा परीक्षा कराना एनटीए के लिए भी एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती है।

परीक्षा क्यों रद्द हुई और दोबारा कब होगी

3 मई की परीक्षा को रद्द करने का फ़ैसला केंद्रीय एजेंसियों और क़ानून-व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों की रिपोर्टों के आधार पर लिया गया। अलग-अलग जगहों से पेपर लीक और अनियमितताओं की ख़बरें आने के बाद एनटीए ने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए इसे निरस्त कर दिया। सबसे राहत की बात यह है कि अभ्यर्थियों को दोबारा आवेदन करने की ज़रूरत नहीं है—पहले के सभी आवेदन विवरण मान्य रहेंगे और उन्हीं के आधार पर नया एडमिट कार्ड जारी होगा। न कोई नया शुल्क, न नया फ़ॉर्म; केवल नई तारीख़ और नया प्रवेश-पत्र।

एडमिट कार्ड और सिटी इंटिमेशन स्लिप

एनटीए ने री-नीट का एडमिट कार्ड 14 जून 2026 तक अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी करने की घोषणा की है। इससे पहले अभ्यर्थी सिटी इंटिमेशन स्लिप के ज़रिए अपने परीक्षा शहर की जानकारी देख सकते हैं। दोनों दस्तावेज़ neet.nta.nic.in पर लॉगिन करके डाउनलोड किए जा सकते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि एडमिट कार्ड पर दर्ज नाम, फ़ोटो, परीक्षा केंद्र और रिपोर्टिंग समय को ध्यान से जाँच लें, और कोई विसंगति होने पर तुरंत एनटीए हेल्पलाइन से संपर्क करें। प्रवेश-पत्र पर दिए गए दिशा-निर्देशों—जैसे क्या ले जाना है और क्या वर्जित है—को बार-बार पढ़ना ज़रूरी है, क्योंकि छोटी-सी चूक भी केंद्र पर परेशानी खड़ी कर सकती है।

सुप्रीम कोर्ट और सीबीटी मोड की माँग

दोबारा परीक्षा को कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (सीबीटी) मोड में कराने की माँग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। अदालत ने सीबीटी मोड में परीक्षा कराने की माँग को ख़ारिज कर दिया और मामले को अवकाश के बाद सूचीबद्ध कर दिया। इसका मतलब है कि 21 जून की परीक्षा पारंपरिक पेन-पेपर मोड में ही होगी, जिसमें अभ्यर्थी ओएमआर शीट पर उत्तर भरेंगे। यह स्पष्टता अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी है, क्योंकि अब वे एक तय प्रारूप के अनुरूप अपनी रणनीति बना सकते हैं और मोड को लेकर असमंजस से बच सकते हैं।

परीक्षा पैटर्न और रणनीति

नीट यूजी में फ़िज़िक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (बॉटनी व ज़ूलॉजी) से प्रश्न पूछे जाते हैं। पेपर 720 अंकों का होता है और हर सही उत्तर पर चार अंक मिलते हैं जबकि ग़लत उत्तर पर एक अंक काटा जाता है। चूँकि कई अभ्यर्थी मई से अब तक डेढ़ महीने का अतिरिक्त समय पा चुके हैं, विशेषज्ञ मानते हैं कि इस दौरान नियमित मॉक टेस्ट, एनसीईआरटी की दोहराई और कमज़ोर अध्यायों पर फ़ोकस सबसे ज़्यादा कारगर है। नकारात्मक अंकन को देखते हुए अनुमान-आधारित उत्तरों से बचना समझदारी है। ओएमआर शीट भरते समय गोले को सही ढंग से और पूरा भरना भी अहम है, क्योंकि अधूरे या धुँधले निशान मशीन सही नहीं पढ़ पाती।

आख़िरी हफ़्ते में क्या करें

परीक्षा के आख़िरी हफ़्ते में नई किताबें या नए विषय शुरू करने के बजाय पहले से पढ़े गए नोट्स और फ़ॉर्मूले दोहराना बेहतर है। नींद का चक्र दुरुस्त रखें ताकि दोपहर की पाली में दिमाग़ चुस्त रहे। परीक्षा वाले दिन एडमिट कार्ड, वैध फ़ोटो पहचान-पत्र और एनटीए के ड्रेस कोड का पालन ज़रूरी है। केंद्र पर समय से पहले पहुँचें क्योंकि तलाशी और सत्यापन में समय लगता है। तनाव को नियंत्रित रखने के लिए हल्का भोजन, पर्याप्त पानी और कुछ मिनट का गहरा साँस लेना उपयोगी रहता है। यह याद रखना ज़रूरी है कि यह परीक्षा ज्ञान के साथ-साथ धैर्य और एकाग्रता की भी कसौटी है।

आगे क्या

री-नीट 2026 के नतीजे जारी होने के बाद एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों के लिए मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) और राज्य कोटे की काउंसलिंग शुरू होगी। सामान्य वर्ग के लिए क्वालिफ़ाइंग पर्सेंटाइल 50वाँ और आरक्षित वर्गों के लिए 40वाँ रखा जाता है। काउंसलिंग में ऑल इंडिया कोटा और राज्य कोटा—दोनों के तहत सीटें आवंटित होती हैं, इसलिए अभ्यर्थियों को अपने राज्य की प्रक्रिया भी समझनी चाहिए। इस बार परीक्षा की शुचिता पर देश भर की निगाहें टिकी हैं, और लाखों परिवारों की उम्मीदें 21 जून की उस एक दोपहर से जुड़ी हैं। एक पारदर्शी और निर्विघ्न परीक्षा ही इस पूरे प्रकरण का सबसे सार्थक समापन होगी।

स्रोत: Careers360
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अजय राज
द्वारा लिखित
अजय राज
Editor-in-Chief

जनजागरण के संस्थापक और प्रधान संपादक। पत्रकारिता में 15+ वर्षों का अनुभव, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर पैनी नज़र।

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