नई दिल्ली, 12 जून। देश के सबसे बड़े मेडिकल प्रवेश इम्तिहान को लेकर इस साल अभूतपूर्व उठापटक के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने नीट यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून (रविवार) को कराने का फ़ैसला किया है। 3 मई 2026 को हुई मूल परीक्षा को पेपर लीक और गड़बड़ियों की शिकायतों के बाद रद्द कर दिया गया था, और भारत सरकार की मंज़ूरी के बाद नई तारीख़ तय की गई। बाईस लाख से ज़्यादा अभ्यर्थियों के लिए यह एक बार फिर तैयारी, तनाव और उम्मीद का दौर है।
एनटीए के मुताबिक री-नीट 2026 पूरे देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में आयोजित होगी। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजकर 15 मिनट तक एक ही पाली में पेन-पेपर (ओएमआर) मोड में होगी, जिसमें परीक्षा संबंधी औपचारिकताओं का समय भी शामिल है। इतने बड़े पैमाने पर इतनी कम मोहलत में दोबारा परीक्षा कराना एनटीए के लिए भी एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती है।
परीक्षा क्यों रद्द हुई और दोबारा कब होगी
3 मई की परीक्षा को रद्द करने का फ़ैसला केंद्रीय एजेंसियों और क़ानून-व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों की रिपोर्टों के आधार पर लिया गया। अलग-अलग जगहों से पेपर लीक और अनियमितताओं की ख़बरें आने के बाद एनटीए ने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए इसे निरस्त कर दिया। सबसे राहत की बात यह है कि अभ्यर्थियों को दोबारा आवेदन करने की ज़रूरत नहीं है—पहले के सभी आवेदन विवरण मान्य रहेंगे और उन्हीं के आधार पर नया एडमिट कार्ड जारी होगा। न कोई नया शुल्क, न नया फ़ॉर्म; केवल नई तारीख़ और नया प्रवेश-पत्र।
एडमिट कार्ड और सिटी इंटिमेशन स्लिप
एनटीए ने री-नीट का एडमिट कार्ड 14 जून 2026 तक अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी करने की घोषणा की है। इससे पहले अभ्यर्थी सिटी इंटिमेशन स्लिप के ज़रिए अपने परीक्षा शहर की जानकारी देख सकते हैं। दोनों दस्तावेज़ neet.nta.nic.in पर लॉगिन करके डाउनलोड किए जा सकते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि एडमिट कार्ड पर दर्ज नाम, फ़ोटो, परीक्षा केंद्र और रिपोर्टिंग समय को ध्यान से जाँच लें, और कोई विसंगति होने पर तुरंत एनटीए हेल्पलाइन से संपर्क करें। प्रवेश-पत्र पर दिए गए दिशा-निर्देशों—जैसे क्या ले जाना है और क्या वर्जित है—को बार-बार पढ़ना ज़रूरी है, क्योंकि छोटी-सी चूक भी केंद्र पर परेशानी खड़ी कर सकती है।
सुप्रीम कोर्ट और सीबीटी मोड की माँग
दोबारा परीक्षा को कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (सीबीटी) मोड में कराने की माँग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। अदालत ने सीबीटी मोड में परीक्षा कराने की माँग को ख़ारिज कर दिया और मामले को अवकाश के बाद सूचीबद्ध कर दिया। इसका मतलब है कि 21 जून की परीक्षा पारंपरिक पेन-पेपर मोड में ही होगी, जिसमें अभ्यर्थी ओएमआर शीट पर उत्तर भरेंगे। यह स्पष्टता अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी है, क्योंकि अब वे एक तय प्रारूप के अनुरूप अपनी रणनीति बना सकते हैं और मोड को लेकर असमंजस से बच सकते हैं।