नई दिल्ली, 12 जून। देश के सैकड़ों केंद्रीय, राज्य और निजी विश्वविद्यालयों में स्नातक दाख़िले का सबसे बड़ा प्रवेश-द्वार बन चुकी कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी यूजी) 2026 का परिणाम जारी होने की उलटी गिनती शुरू हो गई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने 11 मई से 31 मई 2026 के बीच कंप्यूटर-आधारित मोड में यह परीक्षा आयोजित की थी, और पिछले वर्षों के रुझानों के आधार पर परिणाम जून के आख़िरी हफ़्ते में आने की उम्मीद है। नतीजों का यह इंतज़ार लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए बेहद तनावपूर्ण होता है।
इस बार सीयूईटी यूजी के लिए कुल 15,68,866 छात्रों ने पंजीकरण कराया। इनमें से क़रीब 6,74,352 पंजीकरण—यानी लगभग 43 प्रतिशत—सिर्फ़ तीन राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली से आए। औसतन हर अभ्यर्थी ने 4.31 विषय चुने, और कुल मिलाकर लगभग 67.5 लाख टेस्ट-इंस्टेंस तैयार किए गए। यह आँकड़ा बताता है कि सीयूईटी अब देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक बन चुका है।
प्रोविजनल आंसर-की और ऑब्जेक्शन
एनटीए ने सीयूईटी की प्रोविजनल आंसर-की 9 जून 2026 को जारी की थी, जिसके बाद अभ्यर्थियों को आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया। प्रक्रिया यह है कि छात्र निर्धारित शुल्क के साथ संदिग्ध उत्तरों पर आपत्ति दर्ज करते हैं; विशेषज्ञ समिति इनकी समीक्षा करती है और फिर फ़ाइनल आंसर-की के आधार पर परिणाम तैयार होता है। फ़ाइनल आंसर-की जून के अंतिम सप्ताह तक आने की संभावना है। यदि कोई आपत्ति मान्य पाई जाती है तो उसका लाभ सभी अभ्यर्थियों को मिलता है, इसलिए यह प्रक्रिया पारदर्शिता की दृष्टि से बहुत अहम है।
परिणाम कहाँ और कैसे देखें
परिणाम घोषित होते ही स्कोरकार्ड आधिकारिक पोर्टल cuet.nta.nic.in पर उपलब्ध होगा। अभ्यर्थी अपने आवेदन क्रमांक और जन्मतिथि से लॉगिन कर स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। सीयूईटी में नॉर्मलाइज़ेशन की प्रक्रिया अपनाई जाती है, क्योंकि परीक्षा कई पालियों में होती है; इससे अलग-अलग शिफ़्ट के प्रश्नपत्रों की कठिनाई में अंतर को संतुलित किया जाता है। यही कारण है कि अंतिम स्कोर 'पर्सेंटाइल' और 'नॉर्मलाइज़्ड मार्क्स' के रूप में दिखाया जाता है, न कि केवल कच्चे अंक के रूप में।
दाख़िला कैसे होगा
यह समझना ज़रूरी है कि सीयूईटी केवल एक स्कोर देता है—दाख़िला अलग-अलग विश्वविद्यालय अपनी मेरिट, कटऑफ़ और सीटों के आधार पर देते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय, बीएचयू, जेएनयू, जामिया, इलाहाबाद विश्वविद्यालय समेत अनेक संस्थान सीयूईटी स्कोर के ज़रिए ही प्रवेश देते हैं। कई विश्वविद्यालय परिणाम के बाद अपनी अलग काउंसलिंग या पोर्टल पर पंजीकरण माँगते हैं, इसलिए छात्रों को संबंधित संस्थान की वेबसाइट पर लगातार नज़र रखनी चाहिए। दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे बड़े संस्थानों में सीएसएएस जैसी केंद्रीकृत आवंटन प्रणाली के ज़रिए सीटें भरी जाती हैं।