मेक्सिको सिटी, 11 जून। फुटबॉल के महाकुंभ—फीफा विश्व कप 2026—का भव्य और रोमांचक आगाज हो गया है। इतिहास के सबसे बड़े इस विश्व कप का उद्घाटन मुकाबला मेक्सिको सिटी के प्रतिष्ठित एस्टाडियो एज़्टेका स्टेडियम में खेला गया, जहां मेजबान मेक्सिको ने दक्षिण अफ्रीका को 2-0 से पराजित किया। यह विश्व कप अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है और इसमें पहली बार 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जो इसे इतिहास का सबसे बड़ा और महत्वाकांक्षी टूर्नामेंट बनाता है।
एज़्टेका में जीत के नायक
मेक्सिको के लिए जीत के नायक रहे जूलियन क्विनोनेस और राउल जिमेनेज। क्विनोनेस ने मैच के शुरुआती मिनटों में ही गोल दागकर मेजबान टीम को बढ़त दिला दी, जबकि दूसरे हाफ में जिमेनेज ने दूसरा गोल कर जीत पर मुहर लगा दी। यह मेक्सिको की किसी विश्व कप के उद्घाटन मुकाबले में पहली जीत थी—इससे पहले की टीम पांच बार हारी और दो बार ड्रॉ खेली थी। दर्शकों से खचाखच भरे एज़्टेका स्टेडियम में मेजबान टीम की इस जीत ने उत्सव का माहौल बना दिया।
तीन लाल कार्ड का इतिहास
यह मुकाबला सिर्फ गोलों के लिए नहीं, बल्कि एक अनचाहे रिकॉर्ड के लिए भी याद रखा जाएगा। मैच में कुल तीन खिलाड़ियों को लाल कार्ड दिखाया गया—यह विश्व कप के किसी भी उद्घाटन मुकाबले में सबसे अधिक है। दक्षिण अफ्रीका के दो खिलाड़ी—याया सिथोले को पहले हाफ में और थेम्बा ज़्वाने को दूसरे हाफ में—मैदान से बाहर भेजे गए। वहीं मेक्सिको के डिफेंडर सीजर मोंटेस को मैच के अंतिम क्षणों में गोल का स्पष्ट अवसर रोकने के लिए लाल कार्ड मिला।
दुर्लभ रिकॉर्ड में शामिल हुआ दक्षिण अफ्रीका
दो खिलाड़ियों के बाहर जाने के साथ दक्षिण अफ्रीका एक दुर्लभ सूची में शामिल हो गया। इससे पहले 1990 में कैमरून ही एकमात्र ऐसी टीम थी जिसके विश्व कप के उद्घाटन मुकाबले में दो खिलाड़ियों को लाल कार्ड मिला था। नौ खिलाड़ियों के साथ खेलने को मजबूर दक्षिण अफ्रीका के लिए मेक्सिको की बढ़त को रोक पाना असंभव हो गया। रेफरी विल्टन सम्पाइयो के कड़े फैसलों ने मुकाबले को नाटकीय बना दिया।
एज़्टेका की ऐतिहासिक विरासत
मेक्सिको सिटी का एस्टाडियो एज़्टेका विश्व फुटबॉल का एक पौराणिक मैदान है। यह स्टेडियम 1970 और 1986 के विश्व कप फाइनल का गवाह रह चुका है—वही मैदान जहां दिग्गज डिएगो माराडोना ने 1986 में अपना यादगार 'हैंड ऑफ गॉड' और 'सदी का गोल' किया था। 2026 के इस विश्व कप के साथ एज़्टेका तीन अलग-अलग विश्व कप की मेजबानी करने वाला विश्व का पहला स्टेडियम बन गया है, जो इसकी अद्वितीय विरासत को और समृद्ध करता है।