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सीरिया के राष्ट्रपति अल-शरा पर से प्रतिबंध हटे: सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव 2799 पारित, अर्थव्यवस्था पुनर्निर्माण की उम्मीद

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव 2799 के तहत सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा पर से आतंकवाद-संबंधी प्रतिबंध हटा दिए। मई-जून 2026 में अल-शरा ने राष्ट्रपति ट्रंप से सभी प्रतिबंध हटाने का आग्रह किया, जिसे वे युद्धग्रस्त सीरिया की अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार के लिए अनिवार्य बता रहे हैं।

अजय राज अजय राज 14 जून 2026, 09:08 AM 1 मिनट में पढ़ें 30 बार देखा
सीरिया के राष्ट्रपति अल-शरा पर से प्रतिबंध हटे: सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव 2799 पारित, अर्थव्यवस्था पुनर्निर्माण की उम्मीद
सीरिया की राजधानी दमिश्क का दृश्य, जहां अल-शरा सरकार देश के पुनर्निर्माण में जुटी है।

दमिश्क, 31 मई। वर्षों के गृहयुद्ध और अंतरराष्ट्रीय अलगाव के बाद सीरिया एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव 2799 के तहत सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा पर से आतंकवाद-संबंधी प्रतिबंध हटा दिए हैं। इसके साथ ही, सीरिया की नई सरकार अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ अपने संबंधों को सामान्य बनाने और देश के पुनर्निर्माण की दिशा में सक्रिय रूप से जुटी है। हाल ही में अल-शरा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सीरिया पर लगे सभी प्रतिबंध हटाने का आग्रह किया, जिसे वे देश की अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार के लिए अनिवार्य मानते हैं।

सुरक्षा परिषद का ऐतिहासिक प्रस्ताव

नवंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव 2799 को 14 मतों के समर्थन से पारित किया था; किसी ने इसके विरोध में मतदान नहीं किया, जबकि चीन ने मतदान में भाग नहीं लिया (अनुपस्थित रहा)। यह प्रस्ताव अमेरिका द्वारा प्रस्तुत किया गया था। इसके तहत सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा और अंतरिम आंतरिक मंत्री अनस हसन खत्ताब को आईएसआईएल (दाएश) और अल-कायदा से जुड़े प्रतिबंधों की सूची से हटा दिया गया। साथ ही संपत्ति फ्रीज और हथियार प्रतिबंध भी हटा लिए गए।

अल-शरा का ट्रंप से आग्रह

मई 2026 के अंत में, राष्ट्रपति अल-शरा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सीधा आग्रह किया कि सीरिया पर लगे सभी प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीरियाई अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए यह कदम अनिवार्य है। वर्षों के युद्ध ने सीरिया के बुनियादी ढांचे, ऊर्जा क्षेत्र और औद्योगिक प्रणाली को तहस-नहस कर दिया है। अल-शरा का मानना है कि प्रतिबंधों के पूर्ण रूप से हटने के बाद ही विदेशी निवेश आएगा और देश का पुनर्निर्माण संभव हो सकेगा।

अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील

अमेरिका ने भी सीरिया के प्रति अपने रुख में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। दिसंबर में राष्ट्रपति ट्रंप ने 'सीज़र एक्ट' को निरस्त करने वाला कानून हस्ताक्षरित किया, जिससे सीरिया की सरकार को समर्थन देने वाले विदेशी व्यक्तियों पर अनिवार्य प्रतिबंधों का खतरा समाप्त हो गया—विशेषकर बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्रों में। अब अमेरिका कोई व्यापक सीरिया प्रतिबंध कार्यक्रम नहीं चलाता। इन कदमों को सीरिया की अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार और देश को मुख्यधारा में लाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यूरोप का रुख

यूरोपीय संघ ने भी सीरिया के संबंध में अपने प्रतिबंधों की समीक्षा की है। मई 2026 में यूरोपीय परिषद ने पूर्व अल-असद शासन को लक्षित करने वाले प्रतिबंधात्मक उपायों को एक वर्ष के लिए नवीनीकृत किया, लेकिन साथ ही कुछ संस्थाओं को सूची से हटा भी दिया। इस संतुलित दृष्टिकोण से यह स्पष्ट होता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय सीरिया की नई सरकार के साथ सावधानीपूर्वक जुड़ने का प्रयास कर रहा है—एक ओर पुराने शासन की जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए और दूसरी ओर देश के पुनर्निर्माण को सहारा देते हुए।

सीरिया का नया अध्याय

पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के शासन के पतन के बाद सीरिया एक संक्रमणकालीन दौर से गुजर रहा है। अहमद अल-शरा के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सामने कई गंभीर चुनौतियां हैं—युद्ध से तबाह बुनियादी ढांचे का पुनर्निर्माण, लाखों विस्थापित लोगों की वापसी, विभिन्न समूहों के बीच राष्ट्रीय एकता स्थापित करना और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का विश्वास जीतना। प्रतिबंधों का हटना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन वास्तविक पुनर्निर्माण की राह अभी लंबी और कठिन है।

एक दशक से अधिक का गृहयुद्ध

सीरिया का गृहयुद्ध 2011 में अरब वसंत के दौरान शुरू हुआ था, जब असद शासन के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन एक खूनी संघर्ष में बदल गए। एक दशक से अधिक चले इस युद्ध में लाखों लोग मारे गए और लगभग एक करोड़ 30 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए—जो आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े शरणार्थी संकटों में से एक है। देश के कई प्रमुख शहर खंडहर में बदल गए, अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो गई और सामाजिक ताना-बाना बिखर गया। दिसंबर 2024 में असद शासन के अंतिम पतन ने इस लंबे संघर्ष का अंत किया और एक नए, अनिश्चित दौर की शुरुआत की। अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नई सरकार देश में स्थिरता, समावेशिता और न्याय स्थापित कर पाती है या नहीं। पड़ोसी देशों, अरब जगत और पश्चिमी शक्तियों की भूमिका सीरिया के भविष्य को आकार देने में निर्णायक होगी, क्योंकि एक स्थिर सीरिया पूरे पश्चिम एशिया की शांति के लिए महत्वपूर्ण है। मानवीय सहायता संगठनों ने भी प्रतिबंधों में ढील का स्वागत किया है, क्योंकि इससे युद्ध-पीड़ित आबादी तक खाद्य, दवा और पुनर्निर्माण सामग्री पहुंचाना आसान होगा।

चिंताएं और आगे की राह

हालांकि प्रतिबंधों के हटने को व्यापक रूप से सकारात्मक माना जा रहा है, फिर भी कुछ चिंताएं बनी हुई हैं। चीन ने मतदान में अनुपस्थित रहते हुए आतंकवाद-निरोध से जुड़े मुद्दों, विशेषकर सीरिया में विदेशी आतंकवादी लड़ाकों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की थी। अमेरिकी प्रतिनिधि माइक वॉल्ट्ज ने मतदान के बाद कहा कि परिषद यह स्पष्ट राजनीतिक संकेत दे रही है कि 'सीरिया एक नए युग में है।' आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सीरिया अंतरराष्ट्रीय समर्थन का उपयोग कर अपने पुनर्निर्माण और स्थिरता की दिशा में कितनी प्रगति कर पाता है।

स्रोत: Al Arabiya
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अजय राज
द्वारा लिखित
अजय राज
Editor-in-Chief

जनजागरण के संस्थापक और प्रधान संपादक। पत्रकारिता में 15+ वर्षों का अनुभव, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर पैनी नज़र।

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