वाशिंगटन, 13 जून। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि एक अमेरिकी सैन्य हमले में कुख्यात अपराधी गिरोह 'तेन दे अरागुआ' (ट्रेन डी अरागुआ) के सरगना हेक्टर रस्थेनफोर्ड गुएरेरो फ्लोरेस को मार गिराया गया है। ट्रंप ने 12 जून 2026 को इसे 'त्वरित और घातक' हमला बताते हुए कहा कि गुएरेरो को इस कार्रवाई में मार गिराया गया। उन्होंने गुएरेरो को इस खूंखार गिरोह का 'कुख्यात सरगना' करार दिया। यह कार्रवाई अमेरिका और वेनेजुएला की सुरक्षा एजेंसियों के एक संयुक्त अभियान के तहत वेनेजुएला के बोलिवार राज्य में की गई।
संयुक्त अभियान का दावा
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि यह हमला इसी सप्ताह के शुरुआत में वेनेजुएला में तेन दे अरागुआ के एक ठिकाने पर किया गया। अमेरिका की दक्षिणी कमान (साउथर्न कमांड) ने इस घातक हमले को अंजाम दिया। उल्लेखनीय बात यह रही कि वेनेजुएला के संचार मंत्रालय ने भी इसकी पुष्टि की और कहा कि गुएरेरो फ्लोरेस को अमेरिकी बलों और वेनेजुएला की सुरक्षा सेवाओं के बीच एक 'संयुक्त अभियान' में मार गिराया गया, जो देश के बोलिवार राज्य में संगठित अपराध को निशाना बनाने के लिए चलाया गया था।
कौन था गुएरेरो फ्लोरेस
हेक्टर रस्थेनफोर्ड गुएरेरो फ्लोरेस, जिसे 'निनो गुएरेरो' के नाम से भी जाना जाता था, तेन दे अरागुआ गिरोह का प्रमुख था। यह गिरोह वेनेजुएला में जन्मा और बाद में पूरे लैटिन अमेरिका तथा अमेरिका तक फैल गया। अमेरिका ने इस गिरोह को एक आतंकवादी संगठन घोषित कर रखा है। गुएरेरो फ्लोरेस पर न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत में रैकेटियरिंग (संगठित अपराध) की साजिश और अन्य अपराधों के आरोप लगे थे, जिनमें एक दशक से अधिक समय तक फैले अपराधों में आतंकवादियों को समर्थन देना भी शामिल था।
ट्रंप का बयान और वीडियो
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस कार्रवाई की घोषणा करते हुए एक 10 सेकंड का वीडियो भी साझा किया, जिसमें एक संरचना पर हमला होते दिखाया गया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई वेनेजुएला के नेतृत्व के साथ समन्वय में की गई थी। यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह अमेरिका और वेनेजुएला के बीच असामान्य सहयोग को दर्शाता है, जो हाल के वर्षों में संगठित अपराध के खिलाफ संयुक्त प्रयासों की दिशा में एक नया मोड़ हो सकता है।
तेन दे अरागुआ का खतरा
तेन दे अरागुआ गिरोह पिछले कुछ वर्षों में लैटिन अमेरिका के सबसे खतरनाक आपराधिक संगठनों में से एक बनकर उभरा है। मानव तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, जबरन वसूली और हत्या जैसे गंभीर अपराधों में इसकी संलिप्तता रही है। वेनेजुएला से शुरू होकर यह गिरोह कई देशों में अपना जाल फैला चुका है, जिससे यह क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है। अमेरिका ने इसके शीर्ष नेताओं पर पहले भी प्रतिबंध लगाए थे और इसे आतंकवादी संगठन की सूची में डाला था।