हैदराबाद, 12 जून 2026। इस साल की भीषण गर्मी ने पूरे भारत को अपनी चपेट में ले लिया है, और इसका सबसे गंभीर असर दक्षिण भारत में देखने को मिल रहा है। दक्षिणी राज्य तेलंगाना में लू के कारण अब तक कम से कम 16 लोगों की मौत हो चुकी है। देश के कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है और कुछ इलाकों में यह 46 डिग्री की ओर बढ़ रहा है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
तेलंगाना में सबसे ज्यादा असर
लू से होने वाली मौतों की सबसे ज्यादा खबरें तेलंगाना से आई हैं। राज्य के राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा कि गर्मी की तीव्रता अभूतपूर्व स्तर तक पहुंच गई है और उन्होंने पूरे राज्य में सतर्कता बरतने का आह्वान किया। स्थानीय प्रशासन ने बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को दिन के समय बहुत जरूरी न हो तो बाहर की गतिविधियों से बचने की सलाह दी है।
रिकॉर्ड तोड़ तापमान
इस साल गर्मी ने कई जगहों पर रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। नई दिल्ली और आसपास के शहरों में पूरे सप्ताह तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहा। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के अकोला में इस मौसम का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया। बढ़ती गर्मी के कारण बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, क्योंकि लोग राहत के लिए कूलर और एयर कंडीशनर का सहारा ले रहे हैं। इससे कई इलाकों में बिजली व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ा।
लू का स्वास्थ्य पर असर
अत्यधिक गर्मी मानव शरीर के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, भीषण गर्मी से शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) हो जाती है, जिससे खून गाढ़ा हो जाता है। गंभीर मामलों में यह स्थिति शरीर के अंगों के काम करना बंद कर देने (ऑर्गन शटडाउन) तक पहुंच सकती है। लू लगने के शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, चक्कर आना, उल्टी, सिरदर्द और बेहोशी शामिल हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत शरीर को ठंडा करना और पानी देना जीवनरक्षक होता है।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस साल अप्रैल से जून के बीच सामान्य से अधिक गर्मी और लू की स्थिति की भविष्यवाणी की थी। विभाग के अनुसार, पूर्वी, मध्य और उत्तर-पश्चिमी भारत के साथ-साथ दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक लू वाले दिन रहने की आशंका थी। IMD ने लोगों के लिए विस्तृत दिशानिर्देश और सलाह जारी की है, ताकि लू से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। विभाग समय-समय पर रंग-कोडित अलर्ट भी जारी करता है।