इंडियानापोलिस, 25 मई। मोटरस्पोर्ट की दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित रेसों में से एक, इंडियानापोलिस 500, इस बार अपने इतिहास के सबसे नाटकीय समापन की गवाह बनी। स्वीडन के फेलिक्स रोसेनक्विस्ट ने 110वीं इंडी 500 जीतकर अपने करियर का सबसे बड़ा सपना साकार किया। आख़िरी लैप में उन्होंने डेविड मलूकास को महज़ दो-दहाई सेकंड के अंतर से पीछे छोड़ा, जो इस रेस के इतिहास का सबसे करीबी फ़िनिश है। तीन लाख से ज़्यादा दर्शकों से खचाखच भरे इंडियानापोलिस मोटर स्पीडवे में जब रोसेनक्विस्ट ने चेकर्ड फ्लैग पार किया, तो पूरा स्टेडियम रोमांच से गूँज उठा।
आख़िरी लैप का रोमांच
रेस के अंतिम चरण में एक लेट कॉशन (पीली झंडी) ने पूरे मैदान को फिर से एकजुट कर दिया, जिससे आख़िरी लैप एक खुली टक्कर में बदल गया। इस शूटआउट में रोसेनक्विस्ट और मलूकास के बीच आगे निकलने की होड़ देखने लायक थी। रोसेनक्विस्ट ने ठीक सही समय पर बढ़त बनाई और चेकर्ड फ्लैग तक पहुँचने वाले पहले ड्राइवर बने। यह रेस की 70वीं लीड चेंज थी—जो अपने आप में एक नया ऑल-टाइम रिकॉर्ड है, क्योंकि इसने 2013 की रेस में बनी 68 लीड चेंज की पुरानी सीमा को पीछे छोड़ दिया। इतनी अधिक लीड चेंज इस बात का प्रमाण है कि पूरी रेस में कोई भी ड्राइवर निर्णायक बढ़त नहीं बना सका और कई बार बादशाहत बदलती रही।
मेयर शैंक रेसिंग के लिए बड़ी जीत
यह जीत रोसेनक्विस्ट की टीम मेयर शैंक रेसिंग के लिए ऐतिहासिक रही। टीम ने हाल के वर्षों में लगातार प्रगति की है और अब इंडी 500 जैसी प्रतिष्ठित रेस जीतकर अमेरिकी ओपन-व्हील रेसिंग के शीर्ष पर अपनी जगह पक्की कर ली है। पिट स्टॉप की रणनीति, ईंधन प्रबंधन और टायर के सही फ़ैसलों ने इस जीत में निर्णायक भूमिका निभाई। इंडी 500 जैसी रेस में, जहाँ हर सेकंड और हर पिट स्टॉप मायने रखता है, टीम के इंजीनियरों और पिट क्रू का तालमेल अक्सर ड्राइवर की प्रतिभा जितना ही अहम होता है। मेयर शैंक रेसिंग की इस जीत को एक छोटी टीम की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
पालू की पोल पोज़िशन
क्वालिफाइंग में स्पेन के एलेक्स पालू ने 232.248 मील प्रति घंटे की रफ़्तार से पोल पोज़िशन हासिल की थी और रेस के बड़े हिस्से में तेज़ नज़र आए। हालाँकि, इंडी 500 की अप्रत्याशित प्रकृति—जहाँ कॉशन, पिट विंडो और स्लिपस्ट्रीम एक पल में तस्वीर बदल देते हैं—ने आख़िरकार रोसेनक्विस्ट के पक्ष में फ़ैसला किया। पालू, जो इंडीकार के मौजूदा सबसे सफल ड्राइवरों में से एक हैं, के लिए यह एक और मौक़ा था जो हाथ से फिसल गया, और इंडी 500 की जीत उनके करियर की सबसे बड़ी अधूरी ख़्वाहिश बनी हुई है।