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स्पेसएक्स की सबसे शक्तिशाली स्टारशिप का सफल परीक्षण, नासा को चांद मिशन के लिए इसी का इंतजार

स्पेसएक्स ने शुक्रवार को अपनी अब तक की सबसे बड़ी और शक्तिशाली स्टारशिप का सफल परीक्षण उड़ान भरी। नासा इसी रॉकेट के सहारे अपने अंतरिक्ष यात्रियों को चांद पर उतारने की योजना बना रहा है।

प्रिया पटेल प्रिया पटेल 22 मई 2026, 09:30 PM 1 मिनट में पढ़ें 21 बार देखा
स्पेसएक्स की सबसे शक्तिशाली स्टारशिप का सफल परीक्षण, नासा को चांद मिशन के लिए इसी का इंतजार
स्पेसएक्स की स्टारशिप मानव अंतरिक्ष मिशन की कुंजी (प्रतीकात्मक चित्र)।

टेक्सास, 22 मई। निजी अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स ने शुक्रवार को अपनी अब तक की सबसे बड़ी और उन्नत स्टारशिप (वर्जन 3) का सफल परीक्षण किया। यह उड़ान कंपनी के संस्थापक एलन मस्क द्वारा स्पेसएक्स को सार्वजनिक (आईपीओ) करने की घोषणा के ठीक दो दिन बाद हुई।

उड़ान का सफर

दक्षिणी टेक्सास से प्रक्षेपित यह विशाल रॉकेट अपने साथ 20 नकली स्टारलिंक उपग्रह लेकर गया, जिन्हें उड़ान के बीच में छोड़ा गया। करीब एक घंटे की इस उड़ान ने आधी दुनिया का चक्कर लगाया और इंजन में कुछ दिक्कतों के बावजूद यान अपने निर्धारित गंतव्य — हिंद महासागर — तक पहुंचा।

नासा की उम्मीद

नासा को अपने आर्टेमिस मिशन के लिए स्टारशिप की सख्त जरूरत है। एजेंसी की योजना है कि 2028 में आर्टेमिस-4 के अंतरिक्ष यात्रियों को चांद पर उतारने के लिए इसी यान को लैंडर के रूप में इस्तेमाल किया जाए। प्रक्षेपण के मौके पर मौजूद नासा प्रशासक जेरेड आइजैकमैन ने कहा कि स्टारशिप अब चांद की ओर एक कदम और करीब है।

तकनीकी ताकत

पूरी तरह जुड़ने पर स्टारशिप वी3 की ऊंचाई 408 फुट है और इसके नए इंजन 1.8 करोड़ पाउंड का जोर पैदा करते हैं। बूस्टर में बड़े और मजबूत ग्रिड फिन तथा 33 मुख्य इंजनों को ईंधन देने के लिए बेहतर प्रणाली लगाई गई है। विशेषज्ञ इसे मानव अंतरिक्ष अन्वेषण की दिशा में एक बड़ी छलांग मान रहे हैं।

स्रोत: Spaceflight coverage
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प्रिया पटेल
द्वारा लिखित
प्रिया पटेल
Sports Correspondent

खेल पत्रकार, क्रिकेट और ओलंपिक खेलों की कवरेज में विशेषज्ञ। एशियाई खेलों और विश्व कप जैसे प्रमुख टूर्नामेंट्स की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव।

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