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आरबीआई ने रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रखा, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 6.9% जीडीपी वृद्धि का अनुमान

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति ने रेपो रेट 5.25% पर अपरिवर्तित रखा और तटस्थ रुख बनाए रखा। केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 6.9% जीडीपी वृद्धि का अनुमान जताया है।

अजय राज अजय राज 23 मई 2026, 02:09 AM 1 मिनट में पढ़ें 31 बार देखा
आरबीआई ने रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रखा, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 6.9% जीडीपी वृद्धि का अनुमान
आरबीआई ने ब्याज दरें स्थिर रखीं (प्रतीकात्मक चित्र)।

मुंबई, मई। भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख ब्याज दर (रेपो रेट) को 5.25% पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया। मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने सर्वसम्मति से तटस्थ रुख बनाए रखने का निर्णय लिया।

वृद्धि और महंगाई का अनुमान

आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 6.9% रहने का अनुमान जताया है। पहली तिमाही के लिए यह अनुमान 6.8% और दूसरी तिमाही के लिए 6.7% रखा गया है। महंगाई दर औसतन 4.6% रहने की उम्मीद है, जो केंद्रीय बैंक के मध्यम अवधि के लक्ष्य के करीब है।

तटस्थ रुख क्यों

तटस्थ रुख का मतलब है कि केंद्रीय बैंक भविष्य में परिस्थितियों के अनुसार दरें बढ़ाने या घटाने के लिए लचीलापन बनाए रखना चाहता है। खाद्य कीमतें, कच्चे तेल की चाल और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम प्रमुख जोखिम बने हुए हैं।

अर्थव्यवस्था के लिए मायने

विशेषज्ञों के अनुसार स्थिर ब्याज दरें कर्ज लेने वालों और उद्योग जगत के लिए राहत की बात हैं, क्योंकि ईएमआई पर तत्काल कोई दबाव नहीं बढ़ेगा। एक रेटिंग एजेंसी का अनुमान है कि आरबीआई पूरे वित्त वर्ष 2027 तक रेपो रेट 5.25% पर ही बनाए रख सकता है। मजबूत घरेलू मांग और निवेश गतिविधि को वृद्धि का प्रमुख आधार माना जा रहा है।

स्रोत: RBI monetary policy
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अजय राज
द्वारा लिखित
अजय राज
Editor-in-Chief

जनजागरण के संस्थापक और प्रधान संपादक। पत्रकारिता में 15+ वर्षों का अनुभव, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर पैनी नज़र।

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