मुख्य सामग्री पर जाएँ
शुक्रवार, 10 जुलाई 2026
जन जागरण
ब्रेकिंग
री-नीट यूजी 2026: 21 जून को दोबारा परीक्षा, 22 लाख से ज़्यादा अभ्यर्थियों के लिए क्या बदला भीषण गर्मी का कहर: तेलंगाना में लू से 16 लोगों की मौत, कई शहरों में पारा 45 डिग्री के पार फीफा विश्व कप: विनीसियस के गोल से ब्राज़ील ने मोरक्को से 1-1 की बराबरी छुड़ाई स्टेनली कप फाइनल: हरिकेन्स ने गोल्डन नाइट्स पर बनाई 3-2 की बढ़त, खिताब से एक जीत दूर न्यूयॉर्क निक्स ने 53 साल बाद रचा इतिहास, ब्रंसन के 45 अंकों से जीता NBA खिताब विमान ईंधन की मार से एयरलाइनों को राहत: कैबिनेट ने मंजूर किया 10,000 करोड़ का एटीएफ स्थिरीकरण कोष गृहिणियाँ 'राष्ट्र निर्माता' हैं: सुप्रीम कोर्ट ने घरेलू श्रम का मूल्य कम से कम 30,000 रुपये मासिक आँका अमेरिकी हमले में तेन दे अरागुआ गिरोह का सरगना ढेर: ट्रंप का दावा, वेनेजुएला के सहयोग से हुई कार्रवाई फीफा विश्व कप 2026 का भव्य आगाज: मेजबान मेक्सिको ने दक्षिण अफ्रीका को 2-0 से हराया, तीन लाल कार्ड का बना इतिहास फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, 1990 के बाद सबसे ताकतवर
अंतरराष्ट्रीय

डब्ल्यूएचओ ने घोषित की वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल: कांगो में इबोला से 130 से अधिक की मौत

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में फैले इबोला प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। अब तक 130 से अधिक लोगों की मौत और 600 से ज्यादा के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है।

अजय राज अजय राज 22 मई 2026, 03:06 AM 1 मिनट में पढ़ें 20 बार देखा
डब्ल्यूएचओ ने घोषित की वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल: कांगो में इबोला से 130 से अधिक की मौत
इबोला प्रकोप के बीच टीकाकरण और चिकित्सा तैयारी तेज।

जिनेवा, 20 मई। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में केंद्रित इबोला प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया है।

आंकड़े चिंताजनक

संगठन के अनुसार इस प्रकोप में अब तक 130 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 600 से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं। तेजी से फैलते संक्रमण को देखते हुए वैश्विक स्तर पर सतर्कता बढ़ा दी गई है।

आपातकाल का मतलब

"अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल" डब्ल्यूएचओ का सर्वोच्च अलर्ट स्तर है। इस घोषणा से प्रभावित क्षेत्र में संसाधनों, टीकों और चिकित्सा दलों की त्वरित तैनाती का रास्ता खुलता है, साथ ही देशों के बीच समन्वय बढ़ता है।

प्रतिक्रिया और तैयारी

स्वास्थ्य एजेंसियां प्रभावित इलाकों में संपर्क-ट्रेसिंग, टीकाकरण और आइसोलेशन उपायों को तेज कर रही हैं। विशेषज्ञों ने पड़ोसी देशों को सीमा निगरानी और स्क्रीनिंग मजबूत करने की सलाह दी है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

स्रोत: World Health Organization
शेयर: Facebook Twitter WhatsApp
अजय राज
द्वारा लिखित
अजय राज
Editor-in-Chief

जनजागरण के संस्थापक और प्रधान संपादक। पत्रकारिता में 15+ वर्षों का अनुभव, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर पैनी नज़र।

के सभी लेख देखें अजय राज →

टिप्पणियाँ (0)

रोज़ की मुख्य खबरों से जुड़े रहें

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें और कोई खबर न चूकें।