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बंगाल कैबिनेट का बड़ा फैसला: 45 दिनों में बीएसएफ को सीमा बाड़बंदी के लिए जमीन

नवनियुक्त मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट बैठक में 11 मई को ऐतिहासिक निर्णय। यह ममता बनर्जी के 15 साल के विरोध को पलट देता है। बांग्लादेश ने "उचित कदम" उठाने की चेतावनी दी।

राहुल शर्मा राहुल शर्मा 11 मई 2026, 05:12 PM 1 मिनट में पढ़ें 28 बार देखा
बंगाल कैबिनेट का बड़ा फैसला: 45 दिनों में बीएसएफ को सीमा बाड़बंदी के लिए जमीन
भारत-बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ की गश्त।

कोलकाता, 11 मई। पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट बैठक में सोमवार को एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया — सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़बंदी के लिए राज्य की भूमि का हस्तांतरण किया जाएगा। यह कार्य 45 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

15 साल पुराने रुख का अंत

यह निर्णय पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 15 वर्षों के लगातार विरोध को पलट देता है। बनर्जी पारंपरिक रूप से तटीय और सीमावर्ती समुदायों के विस्थापन का हवाला देकर इस तरह की बाड़बंदी का विरोध करती रही हैं। नई सरकार ने इसे "राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता" बताते हुए तत्काल पूर्ववत किया।

2,217 किमी लंबी सीमा का चुनौतीपूर्ण विस्तार

पश्चिम बंगाल भारत-बांग्लादेश सीमा का सबसे लंबा खंड साझा करता है — 2,217 किलोमीटर। इसका बड़ा हिस्सा सुंदरबन की दलदली ज़मीन, नदी मुहाने और पतले गलियारों से होकर गुज़रता है, जिससे बाड़बंदी और निगरानी मुश्किल हो जाती है। शेष लगभग 350 किमी हिस्से में बाड़ अभी भी अधूरी है।

बांग्लादेश की प्रतिक्रिया

बीएसएफ की इस घोषणा के बाद बांग्लादेश की सीमा रक्षक बाहिनी (बीजीबी) उच्चतम सतर्कता पर है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने चेतावनी दी है कि यदि "घुसपैठियों को धकेलने" की कथित कार्रवाइयां बढ़ती हैं तो ढाका "उचित कदम" उठाएगा। हाल के महीनों में बीएसएफ और बीजीबी के बीच कई सीमावर्ती घटनाएं दर्ज की गई हैं।

स्थानीय राजनीतिक असर

मुर्शिदाबाद, नादिया, उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना के सीमावर्ती जिलों में स्थानीय अल्पसंख्यक समुदायों में चिंता का माहौल है। अधिकारी ने आश्वासन दिया है कि भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को "बाज़ार दर से अधिक मुआवज़ा" मिलेगा।

आगे क्या

केंद्र सरकार के सूत्रों के अनुसार, बाड़बंदी पूरी होने पर सीमा पर अवैध आवाजाही में 70 प्रतिशत तक कमी आएगी। दिल्ली में गृह मंत्रालय की एक उच्च-स्तरीय बैठक 14 मई को होने वाली है, जिसमें भारत-बांग्लादेश सीमा प्रबंधन की समग्र समीक्षा की जाएगी।

स्रोत: Business Standard
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राहुल शर्मा
द्वारा लिखित
राहुल शर्मा
Senior Political Correspondent

वरिष्ठ संवाददाता, राजनीति और संसदीय कार्य के विशेषज्ञ। दिल्ली ब्यूरो से जुड़े हुए, राष्ट्रीय राजनीति की हर हलचल पर पैनी नज़र रखते हैं।

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