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देशभर में मौसम का बदलता मिजाज: कश्मीर में ओले, राजस्थान में 45 डिग्री गर्मी, दिल्ली में मटमैली बारिश

एक ही दिन में देश के अलग-अलग हिस्सों ने विरोधाभासी मौसम झेला। कश्मीर में बेमौसमी बर्फबारी, राजस्थान में पारा 45 डिग्री के पार, और दिल्ली-एनसीआर के लिए धूल भरी आंधी के साथ "मटमैली बारिश" की दुर्लभ चेतावनी।

राहुल शर्मा राहुल शर्मा 11 मई 2026, 11:03 PM 1 मिनट में पढ़ें 57 बार देखा
देशभर में मौसम का बदलता मिजाज: कश्मीर में ओले, राजस्थान में 45 डिग्री गर्मी, दिल्ली में मटमैली बारिश
दिल्ली के आसमान पर मंडराते धूल के बादल।

नई दिल्ली, 11 मई। भारत के अलग-अलग हिस्सों में सोमवार को मौसम ने ऐसा रुख दिखाया जो वैज्ञानिकों को भी हैरान कर रहा है। एक तरफ कश्मीर घाटी में मई में बेमौसमी बर्फबारी और ओलावृष्टि हुई, तो दूसरी तरफ राजस्थान में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया।

दिल्ली के लिए "मटमैली बारिश" की दुर्लभ चेतावनी

दिल्ली-एनसीआर के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलने और दुर्लभ "मटमैली बारिश" की आशंका जताई है। मटमैली बारिश वह घटना है जिसमें वायुमंडल में फैले धूल कणों के साथ पानी की बूंदें मिलकर ज़मीन पर गिरती हैं, जिससे वाहन, खिड़कियां और कपड़े मिट्टी की परत से ढक जाते हैं।

ऊष्मा गुंबद और पश्चिमी विक्षोभ की टक्कर

आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के अनुसार, यह असामान्य स्थिति हिमालय क्षेत्र पर बने सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और मध्य भारत के ऊपर बने ऊष्मा गुंबद के टकराव का परिणाम है। पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी राज्यों में नमी और ओलावृष्टि ला रहा है, जबकि ऊष्मा गुंबद के नीचे फंसी गर्म हवा देश के मैदानी इलाकों को तंदूर बना रही है।

विश्व के 100 सबसे गर्म शहरों में 98 भारत में

वैश्विक रैंकिंग के अनुसार, इस समय दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में से 98 भारत में हैं। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में स्वास्थ्य विभागों ने लू (हीट स्ट्रोक) से बचाव की एडवायजरी जारी की है। बुजुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले मज़दूरों के लिए विशेष चेतावनी है कि वे दोपहर 12 से 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें।

कृषि और जलापूर्ति पर असर

उत्तर भारत में गेहूं की देर से कटाई वाली फसलों पर तेज़ हवाओं और ओलों का असर पड़ा है। कई जिलों में बागवानी फसलें — आम, लीची, अंगूर — को भारी नुकसान की रिपोर्ट है। जलाशयों में जलस्तर गिरने से शहरी आपूर्ति पर भी दबाव बढ़ रहा है।

आगे क्या

आईएमडी ने अगले तीन दिनों के लिए मौसम के अस्थिर रहने का अनुमान लगाया है। 14 मई के बाद उत्तर-पश्चिम भारत में लू कम होने और 16 मई तक प्री-मॉनसून गतिविधियां शुरू होने की संभावना है। नागरिक प्रशासन ने लोगों से पानी पीते रहने और गैर-ज़रूरी यात्रा से बचने की अपील की है।

स्रोत: Business Standard / IMD
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राहुल शर्मा
द्वारा लिखित
राहुल शर्मा
Senior Political Correspondent

वरिष्ठ संवाददाता, राजनीति और संसदीय कार्य के विशेषज्ञ। दिल्ली ब्यूरो से जुड़े हुए, राष्ट्रीय राजनीति की हर हलचल पर पैनी नज़र रखते हैं।

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