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QS वर्ल्ड रैंकिंग 2026 में भारत के 54 विश्वविद्यालय, IIT दिल्ली 123वें स्थान पर

IIT बॉम्बे 129वें, IIT मद्रास 180वें (47 स्थान की छलांग) और IISc बैंगलोर 219वें स्थान पर। भारत अब अमेरिका, ब्रिटेन और चीन के बाद चौथा सबसे प्रतिनिधित्व वाला देश।

अजय राज अजय राज 08 मई 2026, 04:15 PM 1 मिनट में पढ़ें 51 बार देखा
QS वर्ल्ड रैंकिंग 2026 में भारत के 54 विश्वविद्यालय, IIT दिल्ली 123वें स्थान पर
IIT दिल्ली कैम्पस।

लंदन/नई दिल्ली। QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में भारत के 54 विश्वविद्यालय शामिल हुए — यह भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है, जिससे भारत अमेरिका (191), ब्रिटेन (90) और चीन (71) के बाद चौथा सबसे प्रतिनिधित्व वाला देश बन गया।

IIT दिल्ली 123वें स्थान पर

भारतीय संस्थानों में IIT दिल्ली 123वें स्थान पर रहा, जो 2025 के 150वें स्थान से ऊपर है। इसके बाद IIT बॉम्बे (129), IIT मद्रास (180), IIT खड़गपुर (215), IISc बैंगलोर (219) और IIT कानपुर (222) हैं। ये सभी संस्थान वैश्विक शीर्ष 250 में शामिल हैं।

IIT मद्रास की रिकॉर्ड छलांग

IIT मद्रास ने सबसे बड़ी छलांग लगाई — 2025 के 227वें से 2026 में 180वें स्थान पर, यानी 47 अंकों की बढ़त। यह अनुसंधान आउटपुट और अंतर्राष्ट्रीय शोध सहयोग में सुधार को दर्शाता है।

निजी विश्वविद्यालयों का उदय

BITS पिलानी (488वें), ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी (596वें), मणिपाल एकेडमी ऑफ़ हायर एजुकेशन और थापर इंस्टीट्यूट जैसे निजी विश्वविद्यालय पहली बार शीर्ष 600 में पहुंचे हैं।

सुधार की कुंजी

48 प्रतिशत भारतीय रैंक किए गए विश्वविद्यालयों ने साल-दर-साल अपनी स्थिति में सुधार किया। मुख्य कारण: अनुसंधान आउटपुट में वृद्धि (विशेष रूप से AI, क्लाइमेट साइंस और बायोटेक में), अंतर्राष्ट्रीय फ़ैकल्टी अनुपात में सुधार, और रोज़गार-ग्रहण दर में बढ़ोतरी।

NEP 2020 का प्रभाव

शिक्षा मंत्री ने इन रैंकिंग को "राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सफलता" बताया। NEP के तहत संस्थागत स्वायत्तता, अनुसंधान फंडिंग में वृद्धि, और अंतःविषय कार्यक्रमों ने सीधा योगदान दिया।

आगे की चुनौतियां

हालांकि, कोई भी भारतीय संस्थान अभी भी वैश्विक शीर्ष 100 में नहीं पहुंचा है। MIT, ऑक्सफ़ोर्ड, कैम्ब्रिज और स्टैनफ़ोर्ड शीर्ष पर हैं। 2030 तक तीन भारतीय संस्थानों को शीर्ष 100 में पहुंचाने का सरकारी लक्ष्य है।

स्रोत: Deccan Herald
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अजय राज
द्वारा लिखित
अजय राज
Editor-in-Chief

जनजागरण के संस्थापक और प्रधान संपादक। पत्रकारिता में 15+ वर्षों का अनुभव, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर पैनी नज़र।

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