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स्वास्थ्य

टाइप-1 डायबिटीज में बड़ी सफलता: ट्रायल में सभी 10 मरीज चार हफ्ते में इंसुलिन से मुक्त

अमेरिका में हुए एक प्रारंभिक क्लिनिकल ट्रायल में टाइप-1 डायबिटीज के सभी 10 मरीज इलाज के चार हफ्तों के भीतर पूरी तरह इंसुलिन से मुक्त हो गए। इनमें से कई औसतन 33 वर्षों से इस बीमारी से जूझ रहे थे।

अजय राज अजय राज 22 मई 2026, 07:12 PM 1 मिनट में पढ़ें 24 बार देखा
टाइप-1 डायबिटीज में बड़ी सफलता: ट्रायल में सभी 10 मरीज चार हफ्ते में इंसुलिन से मुक्त
मधुमेह के इलाज में नई उम्मीद (प्रतीकात्मक चित्र)।

शिकागो, मई। मधुमेह (डायबिटीज) के इलाज में एक उत्साहजनक प्रगति सामने आई है। यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के एक प्रारंभिक क्लिनिकल ट्रायल में टाइप-1 डायबिटीज के सभी 10 शुरुआती प्रतिभागियों को असाधारण परिणाम मिले।

चार हफ्ते में इंसुलिन से आज़ादी

ट्रायल के अनुसार, ये सभी मरीज इलाज के महज चार हफ्तों के भीतर पूरी तरह इंसुलिन-स्वतंत्र हो गए और उनकी जांच रिपोर्ट गैर-मधुमेह वाले व्यक्ति जैसी सामान्य आ गई। खास बात यह कि इनमें से कई औसतन 33 वर्षों से टाइप-1 डायबिटीज के साथ जी रहे थे।

क्यों है यह अहम

टाइप-1 डायबिटीज एक ऑटोइम्यून स्थिति है जिसमें शरीर इंसुलिन बनाना लगभग बंद कर देता है, और मरीजों को जीवनभर इंसुलिन के इंजेक्शन पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में इंसुलिन से मुक्ति की संभावना करोड़ों मरीजों के लिए जीवन बदलने वाली खबर हो सकती है।

सावधानी भी जरूरी

विशेषज्ञ आगाह करते हैं कि यह अभी एक प्रारंभिक चरण का अध्ययन है, जिसमें प्रतिभागियों की संख्या बहुत कम है। व्यापक और दीर्घकालिक परीक्षणों के बाद ही इसे आम इलाज के रूप में अपनाया जा सकेगा। फिर भी, चिकित्सा जगत इन शुरुआती नतीजों को एक बड़ी उम्मीद के रूप में देख रहा है।

स्रोत: Medical research coverage
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अजय राज
द्वारा लिखित
अजय राज
Editor-in-Chief

जनजागरण के संस्थापक और प्रधान संपादक। पत्रकारिता में 15+ वर्षों का अनुभव, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर पैनी नज़र।

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