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चक्रवात सदीम का पश्चिम बंगाल पर कहर: नौ की मौत, हजारों विस्थापित

अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान सदीम ने 10 मई को बकखाली के पास टकराकर पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में व्यापक तबाही मचाई। हवा की रफ्तार 155 किमी/घंटे तक पहुंची और सुंदरबन में 251 मिमी बारिश दर्ज हुई।

अजय राज अजय राज 12 मई 2026, 12:00 PM 1 मिनट में पढ़ें 38 बार देखा
चक्रवात सदीम का पश्चिम बंगाल पर कहर: नौ की मौत, हजारों विस्थापित
चक्रवात सदीम के बाद तटीय इलाकों में तबाही का मंजर।

कोलकाता, 10 मई। पश्चिम बंगाल पर सोमवार रात तब आपदा टूट पड़ी जब अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान सदीम ने दक्षिण 24 परगना जिले के बकखाली के पास तट से टकराया। तूफान के सीधे संपर्क में आए इलाकों में अब तक नौ लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि हजारों लोग बेघर हो गए हैं।

155 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, कोलकाता समेत आसपास के क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 155 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। महानगर में पिछले तीस वर्षों की सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। सुंदरबन क्षेत्र में 251 मिलीमीटर बारिश हुई, जो वर्षों के औसत से कई गुना ज्यादा है।

तटीय इलाकों में ज़बरदस्त नुकसान

पुरी और दीघा के समुद्र तटों पर चार मीटर तक ऊंची लहरें उठीं, जिन्होंने पुश्ते-दीवारें तोड़ दीं और बीच के होटलों में पानी भर दिया। निचले गांवों में कई कच्चे मकान धराशायी हो गए। बिजली के खंभे उखड़ जाने से बड़े हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप पड़ी हुई है, और कोलकाता में कई जगह जलजमाव से यातायात पूरी तरह बाधित हुआ।

राहत और बचाव कार्य

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने तटीय जिलों में सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की कई टीमें तैनात की हैं। हजारों लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया जा चुका है। मुख्यमंत्री के नियंत्रण कक्ष से 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। केंद्र सरकार ने त्वरित राहत सहायता का आश्वासन दिया है।

आईएमडी की चेतावनी

तूफान 10 मई की रात तक भीतरी क्षेत्रों में जाकर कमजोर पड़ गया, पर मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक भारी बारिश और तेज़ हवाओं की चेतावनी बरकरार रखी है। मछुआरों को 14 मई तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। तटीय क्षेत्र की कृषि भूमि में खारे पानी के घुसने से रबी की फसल पर भारी असर पड़ने की आशंका है।

आगे क्या

विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी का असामान्य रूप से गर्म होना — समुद्र की सतह का तापमान 31 डिग्री सेल्सियस से ऊपर — चक्रवातों को और तीव्र बना रहा है। राज्य सरकार नुकसान के आकलन के लिए विशेष दल भेज रही है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर मुआवज़े की घोषणा की जाएगी।

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अजय राज
द्वारा लिखित
अजय राज
Editor-in-Chief

जनजागरण के संस्थापक और प्रधान संपादक। पत्रकारिता में 15+ वर्षों का अनुभव, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर पैनी नज़र।

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