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भारत को मिलेगा S-400 का चौथा स्क्वाड्रन, हवाई सुरक्षा कवच और मजबूत

रूस निर्मित एस-400 वायु रक्षा प्रणाली का चौथा स्क्वाड्रन इस सप्ताह के अंत तक भारत को सौंपा जाएगा। यह डिलीवरी देश के हवाई रक्षा कवच को और सुदृढ़ बनाएगी।

अजय राज अजय राज 21 मई 2026, 09:18 AM 1 मिनट में पढ़ें 23 बार देखा
भारत को मिलेगा S-400 का चौथा स्क्वाड्रन, हवाई सुरक्षा कवच और मजबूत
एस-400 ट्रायम्फ वायु रक्षा प्रणाली (प्रतीकात्मक चित्र)।

नई दिल्ली, 20 मई। भारत की हवाई सुरक्षा को और पुख्ता करने वाली एक अहम खबर में, रूस निर्मित एस-400 ट्रायम्फ वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली का चौथा स्क्वाड्रन इसी सप्ताह के अंत तक भारतीय वायुसेना को सौंप दिया जाएगा। रक्षा सूत्रों के अनुसार आपूर्ति की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

सौदा और अब तक की आपूर्ति

भारत ने 2018 में रूस के साथ पांच एस-400 स्क्वाड्रन के लिए लगभग 35,000 करोड़ रुपये का समझौता किया था। पहले तीन स्क्वाड्रन पहले ही तैनात किए जा चुके हैं, जिन्हें उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर रणनीतिक रूप से लगाया गया है। चौथे स्क्वाड्रन की डिलीवरी के साथ इस अनुबंध का बड़ा हिस्सा पूरा हो जाएगा।

क्या है एस-400 की ताकत

एस-400 दुनिया की सबसे उन्नत लंबी दूरी की वायु रक्षा प्रणालियों में गिनी जाती है। यह 400 किलोमीटर तक की दूरी और 30 किलोमीटर तक की ऊंचाई पर लड़ाकू विमानों, ड्रोन, क्रूज़ और बैलिस्टिक मिसाइलों को निशाना बना सकती है। एक ही प्रणाली एक साथ कई लक्ष्यों को ट्रैक और भेद सकती है, जिससे यह किसी भी हवाई हमले के विरुद्ध बहुस्तरीय कवच बनाती है।

रणनीतिक महत्व

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि चौथे स्क्वाड्रन की तैनाती से भारत की पूर्वी और पश्चिमी दोनों सीमाओं पर निगरानी और जवाबी क्षमता मजबूत होगी। यह प्रणाली शत्रु के विमानों को सीमा पार करने से पहले ही रोकने की क्षमता देती है, जिससे देश की "एयर डिनायल" रणनीति को बल मिलता है।

आगे की राह

पांचवें और अंतिम स्क्वाड्रन की आपूर्ति आने वाले महीनों में अपेक्षित है। इसके साथ ही भारत स्वदेशी वायु रक्षा परियोजनाओं — जैसे डीआरडीओ की परियोजना कुश — पर भी काम कर रहा है, ताकि भविष्य में आयात पर निर्भरता घटाई जा सके। रक्षा मंत्रालय ने आपूर्ति समयसीमा पर औपचारिक टिप्पणी नहीं की है, पर कहा है कि सभी अनुबंध "योजना के अनुरूप" आगे बढ़ रहे हैं।

स्रोत: Defence Ministry briefings
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अजय राज
द्वारा लिखित
अजय राज
Editor-in-Chief

जनजागरण के संस्थापक और प्रधान संपादक। पत्रकारिता में 15+ वर्षों का अनुभव, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों पर पैनी नज़र।

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